| यह मेरा भ्रम ही था | |||
| कि | |||
| दिल के किसी कोने मे | |||
| पला हुआ यह | |||
| पहला अहसास | |||
| कि | |||
| शायद हलकी सी | |||
| मासूमियत | |||
| तुम्हारे | |||
| कोने मे भी है | |||
| पर लगता है | |||
| अब | |||
| जिन्हें | |||
| मे अपना समझ | |||
| कर पालता चला गया | |||
वोह शायद जन्मे ही नहीं थे
| |||
बस एक सुब्गुआहत थी
| |||
| जो | |||
| तुम्हारे | |||
| दिल के कठोर धरातल पर टूट चुकी थी.. | |||
तुम्हारे लिए
6 वर्ष पहले






